Aadhaar Children Biometric Update: शानदार बदलाव जो आपके 5 से 15 साल के बच्चों की डिजिटल पहचान को Strong करेगा

12 November 2025
Aadhaar children biometric update का नया नियम

Aadhaar children biometric update के तहत UIDAI यानी Unique Identification Authority of India ने बच्चों के लिए Aadhaar अपडेट प्रक्रिया में बड़ा सुधार किया है। इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों की डिजिटल पहचान को और सुरक्षित, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

UIDAI ने Behavioural Insights Limited (BIT) के साथ समझौता किया है, जिसके तहत बच्चों के अभिभावकों को समय पर Aadhaar biometric update कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह पहल बच्चों के लिए Aadhaar अपडेट प्रक्रिया को सरल, प्रभावी और नि:शुल्क बनाने की दिशा में उठाया गया अहम कदम है।

क्या है Aadhaar children biometric update का नया नियम

जब किसी बच्चे का जन्म होता है और उसका Aadhaar कार्ड बनाया जाता है, उस समय उसके फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन नहीं लिए जाते क्योंकि छोटे बच्चों की बायोमेट्रिक पहचान विकसित नहीं होती। UIDAI ने इसीलिए यह सुनिश्चित किया है कि बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट उनकी उम्र बढ़ने के साथ दो चरणों में किया जाए।

पहला अपडेट तब होता है जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाता है। इस समय उसका पहला बायोमेट्रिक रिकॉर्ड लिया जाता है जिसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो शामिल होते हैं।

दूसरा अपडेट तब अनिवार्य होता है जब बच्चा 15 वर्ष की आयु पूरी करता है। इस अपडेट से Aadhaar कार्ड पर दर्ज जानकारी पूरी तरह सटीक और वर्तमान स्थिति के अनुरूप बनी रहती है।

अब नहीं लगेगा कोई शुल्क

UIDAI ने बच्चों के अभिभावकों को राहत देते हुए घोषणा की है कि 7 से 15 वर्ष आयु समूह के बच्चों के लिए Aadhaar biometric update पूरी तरह नि:शुल्क होगा। इसका मतलब यह है कि माता-पिता को अब किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

यह कदम देशभर के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है, खासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। अब कोई भी बच्चा अपनी पहचान अद्यतन कराने से वंचित नहीं रहेगा।

क्यों जरूरी है बच्चों के लिए Aadhaar biometric update

Aadhaar बच्चों के लिए सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं है, बल्कि यह कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ने की कुंजी है। अगर बच्चे का Aadhaar अपडेट समय पर नहीं होता, तो उसे कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

उदाहरण के लिए – छात्रवृत्ति प्राप्त करने में दिक्कत, स्कूल में प्रवेश या बैंक खाते खोलने में परेशानी, और कई बार सरकारी लाभों के लिए आवेदन करने में अड़चनें आती हैं। इसलिए UIDAI ने स्पष्ट किया है कि बायोमेट्रिक अपडेट समय पर करवाना बेहद आवश्यक है।

माता-पिता के लिए जरूरी सुझाव

UIDAI ने माता-पिता के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं ताकि वे आसानी से अपने बच्चों का Aadhaar biometric update करवा सकें।

जब बच्चा 5 वर्ष का हो जाए, तो अभिभावक को नजदीकी Aadhaar Seva Kendra जाकर उसका पहला बायोमेट्रिक अपडेट करवाना चाहिए। जब बच्चा 15 वर्ष का हो, तब दूसरी बार अपडेट कराना अनिवार्य है।

7 से 15 वर्ष की आयु के बीच आने वाले सभी बच्चों के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है। इसके बाद अभिभावक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि Aadhaar कार्ड में दर्ज सभी जानकारी सही और सटीक है।

अभिभावक नजदीकी अधिकृत केंद्र या Aadhaar Seva Kendra में जाकर आसानी से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह की परेशानी या शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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UIDAI और BIT का समझौता क्या लाएगा बदलाव

UIDAI और Behavioural Insights Limited (BIT) के बीच हुआ यह समझौता भारत में बच्चों की पहचान प्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। BIT के सहयोग से UIDAI देशभर में जागरूकता अभियान चलाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर अपने बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें।

इस कदम से UIDAI का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का हर बच्चा एक सटीक और अद्यतन Aadhaar कार्ड रखे, जिससे भविष्य में उसे किसी प्रकार की सेवा या सुविधा लेने में कोई बाधा न हो।

Aadhaar children biometric update के प्रमुख फायदे

यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम है। इसके कुछ प्रमुख लाभ निम्न हैं:

– बच्चों की पहचान संबंधी गलतियाँ कम होंगी। – सरकारी योजनाओं और शैक्षणिक सेवाओं में आवेदन करना आसान होगा। – पहचान सत्यापन की प्रक्रिया और तेज़ और पारदर्शी बनेगी। – आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए यह सेवा पूरी तरह मुफ्त होने से उनका बोझ कम होगा। – UIDAI को बच्चों के डेटा को अद्यतन और सटीक रखने में सहायता मिलेगी।

बच्चों की डिजिटल पहचान को सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम

“Aadhaar children biometric update” पहल न सिर्फ एक तकनीकी सुधार है बल्कि बच्चों की डिजिटल पहचान को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। UIDAI ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा अपनी पहचान से वंचित न रहे और देश के हर नागरिक की जानकारी अद्यतन रहे।

इस कदम से न केवल अभिभावकों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में यह एक बड़ा सुधार साबित हुआ है। आने वाले समय में यह पहल भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली को और मजबूत बनाएगी।

UIDAI की यह पहल बच्चों की पहचान प्रणाली में पारदर्शिता, सरलता और सुरक्षा का प्रतीक है। अब हर अभिभावक को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि वे अपने बच्चों का Aadhaar biometric update समय पर करवाएं ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और आसान बन सके।

Source: Web Reports