Saudi Arabia Bus Accident: दर्दनाक उमरा हादसे में 45 Indians को लेकर बड़ी Official Update – Complete Report

18 November 2025
Saudi Arabia Bus Accident: दर्दनाक उमरा हादसे में 45 Indians को लेकर बड़ी Official Update – Complete Report

Saudi Arabia Bus Accident में रविवार देर रात हुए भीषण टकराव ने पूरे भारत को झकझोर दिया। इस हादसे में 45 Indian नागरिकों की मौत हो गई, जो Umrah के लिए Saudi Arabia गए थे। Makkah-Madina Highway पर हुए इस Accident के बाद तेलंगाना सरकार सहित भारतीय एजेंसियां लगातार अपडेट ले रही हैं।

तेलंगाना कैबिनेट ने तय किया है कि Saudi Arabia Bus Accident में मारे गए सभी Indians को स्थानीय धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार Saudi Arabia में ही दफनाया जाएगा। मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रत्येक परिवार से दो लोगों को सऊदी भेजा जाएगा। सरकार इस फैसले पर रियाद स्थित Indian Embassy के साथ तालमेल रख रही है।

इस बीच कई मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि परिवारों को शव भारत लाने या Jannatul Baqi में दफनाने का विकल्प मिल सकता है, लेकिन Saudi के कानून इस प्रक्रिया को बेहद कठिन बनाते हैं। इसीलिए Umrah यात्रियों के शव आमतौर पर वापस नहीं भेजे जाते।

Saudi Arabia Bus Accident में शव क्यों नहीं भेजे जाते

हज और उमरा यात्रियों को यात्रा से पहले एक डिक्लेरेशन फॉर्म पर साइन करना होता है, जिसमें स्पष्ट लिखा होता है कि अगर Saudi Arabia की जमीन पर—चाहे Makkah, Madina या किसी अन्य क्षेत्र में—उनकी मृत्यु होती है, तो उन्हें वहीं दफनाया जाएगा। इस नियम का पालन Saudi Government सख्ती से करती है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, गैर-तीर्थयात्री भारतीयों के शव परिवार की इच्छा पर वापस भेजे जा सकते हैं, लेकिन Umrah या Hajj के दौरान यह सुविधा नहीं होती।

Saudi Arabia के कानूनों को लेकर अधिक जानकारी Ministry of External Affairs के आधिकारिक पेज पर देखी जा सकती है।

कैसे हुआ Saudi Arabia Bus Accident

Indian pilgrims की बस Makkah से Madina जा रही थी और रास्ते में मुहरास क्षेत्र के करीब किनारे खड़ी थी। उसी समय तेज गति से आ रहे fuel tanker ने पीछे से बस को टक्कर मारी। टक्कर के बाद बस पूरी तरह जल गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं।

हादसा भारतीय समय अनुसार रविवार रात लगभग एक बजकर तीस मिनट पर हुआ। उस समय कई यात्री सो रहे थे, इसलिए उन्हें बचने का कोई अवसर नहीं मिला।

मृतकों में 18 महिलाएँ, 17 पुरुष और 10 बच्चे शामिल हैं। केवल Mohammed Abdul Shoaib, उम्र चौबीस वर्ष, जीवित बचे। वे चालक के पास बैठे थे और हादसे के तुरंत बाद अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज जारी है।

एक ही परिवार के 18 सदस्य हमेशा के लिए चले गए

हैदराबाद के Sheikh Naseeruddin और उनकी पत्नी Akhtar Begum अपने पूरे परिवार के साथ Umrah के लिए गए थे। Saudi Arabia Bus Accident में इस परिवार के तीन पीढ़ियों के 18 लोगों की मौत हुई, जिनमें बच्चे, बेटियाँ, रिश्तेदार और अमेरिका से आया परिवार भी शामिल था। यह दर्दनाक घटना हैदराबाद में गहरा सदमा लेकर आई है।

54 Indian Pilgrims ने की थी यात्रा

Hyderabad Police के अनुसार नौ नवंबर को कुल 54 लोग Umrah के लिए Saudi Arabia गए थे। चौबीस नवंबर को उन्हें वापस लौटना था। उनमें से कुछ लोग उस दिन अलग से Makkah या Madina गए थे, जबकि हादसा वाली बस में 46 लोग सवार थे।

तेलंगाना सरकार ने मृतकों के परिवारों को पाँच लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की है।

Owaisi ने की थी शव वापस लाने की अपील

Hyderabad के सांसद Asaduddin Owaisi ने हादसे पर दुख जताया और Indian Embassy से जानकारी साझा की। उन्होंने DCM Abu Maithan George से बात की और केंद्र सरकार से अपील की कि शवों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज की जाए।

PM Modi और विदेश मंत्री Jayashankar का बयान

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने X (Twitter) पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें Saudi Arabia Bus Accident से गहरा दुख हुआ है और Indian Consulate पीड़ितों को हर संभव मदद दे रहा है।

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और Indian Embassy प्रभावित परिवारों की हर तरह से सहायता कर रहा है।

मुआवजे पर बड़ा सवाल – तत्काल मदद क्यों मुश्किल?

Saudi Arabia में सड़क दुर्घटनाओं के लिए सरकार की ओर से सीधा मुआवजा नहीं दिया जाता।
मुआवजा तभी मिलता है जब पुलिस जांच में tanker चालक या कंपनी की गलती साबित हो और परिवार कानूनी दावा दायर करे। यह लंबी प्रक्रिया कई महीनों तक चल सकती है।

Saudi के यातायात कानूनों की जानकारी के लिए आधिकारिक Saudi Transport Authority

Umrah क्या है – संक्षेप में समझिए

Umrah एक इस्लामी तीर्थयात्रा है जिसे साल के किसी भी दिन किया जा सकता है। यह Hajj की तरह अनिवार्य नहीं है और इसमें कोई निर्धारित तारीख नहीं होती। Hajj इस्लामी कैलेंडर के Zilhijjah महीने में होता है, जबकि Umrah कभी भी किया जा सकता है।

Saudi Arabia Bus Accident ने उठाए कई सवाल

Saudi Arabia Bus Accident न सिर्फ एक दुखद घटना है बल्कि भारतीय तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, नियमों और आपातकालीन प्रक्रियाओं पर भी बड़ी चर्चा शुरू कर रहा है।
दफनाने का निर्णय स्थानीय नियमों और Umrah के दौरान हस्ताक्षर किए गए दस्तावेजों के अनुसार लिया गया है। परिवारों की सहायता के लिए भारतीय और तेलंगाना सरकारें लगातार काम कर रही हैं।

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Source: Web Reports